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आसमान छूती मंहगाई बेरोजगारी रोकने में हैं विफल योगी सरकार : वाम लोकतांत्रिक संगठन

चकिया: आसमान छूती मंहगाई व बढ़ती बेरोजगारी पर रोक लगाने में विफल योगी सरकार मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक विभाजन की निरन्तर कोशिश कर रहीं हैं.

उक्त बातें आज माकपा,आईपीएफ व भाकपा द्वारा 25 मई से चलाए जा रहें जनअभियान के समापन पर आयोजित मार्च के बाद सभा में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा.

तहसीलदार को ज्ञापन देने के बाद तहसील में आयोजित सभा में वाम लोकतांत्रिक दल के नेताओं ने कहा कि संघ नियंत्रित और कार्पोरेट्स संचालित देश / उत्तर प्रदेश की भाजपा ने जनता के खिलाफ युद्ध जैसा छेड़ रखा हैं.

सरकार की कार्पेटप्रस्त नीतियों के कारण बेरोजगारी के भंयकर संकट से युवा गुजर रहें हैं. रोजगार के लिए बड़े – बड़े ड्रिग्रियाड्रिग्रियाॅं लेकर भी दर दर भटक रहें हैं. राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाने के सवाल पर देश – प्रदेश की सरकार मौन हैं. उत्तर प्रदेश में बुलडोजरवाद के तहत पुलिसराज कायम है।

दबंगों, भाजपाइयों और पुलिस की तिकड़ी ने किसानो- कामगारों- मेहनतकशों खासकर महिलाओं, अल्पसंख्यकों, दलितों, आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ों पर तीखे हमले बोल दिये हैं।

अनगिनत कत्ल और आत्महत्याएं लगातार हो रहे हैं, भयभीत और प्रताड़ित करने के उद्देश्य से पुलिस घरों में घुस कर हत्यायेँ कर रही है, चन्दौली में भी मनराजपुर की घटना प्रमाण के रूप में हैं.

वहीं पुलिसजनों द्वारा बलात्कार आम बात होगयी है, सुरक्षा और न्याय की गुहार करने वालों की सुनी नहीं जा रही, भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन आकंठ भ्रष्टाचार और दलाली में डूबे हैं।

शुरू में विभाजन और वोटों को हथियाने की गरज से बुलडोजर का इस्तेमाल चंद मुस्लिम माफियाओं के खिलाफ किया गया पर अब उसका रुख जनता की ओर मोड दिया गया है।

खाने पीने की चीजें, फल- सब्जी, दवाएं/ इलाज, पढ़ाई और जीवनयापन की चीजें बेहद महंगे हो गये हैं। खुदरा महंगाई की दर सारी सीमाएं लांघ चुकी है।

आम लोगों की जिंदगी दूभर होकर रह गई है। ऊपर से सार्वजनिक क्षेत्र को बेच कर नौकरियाँ समाप्त की जा रही हैं, भर्तियाँ रद्द की जा रही हैं। आक्रोश को शिथिल करने को चंद खैरातें बांटी जारही हैं और नए और पुश्तैनी हथकंडे अपना कर सांप्रदायिकता तथा विभाजन को हवा दी जा रही है।

ये सब जनता का ध्यान उसकी मूलभूत समस्याओं से हटाये रखने की साजिशें हैं।जंहा खाद्य सुरक्षा सार्वभौमिक होनी चाहिए वही यह सरकार निरस्त करने पर लगी हैं! जबकि राशन कार्ड प्राप्त करना सबका अधिकार हैं. किसानों से उत्पादन खरीद के सवालों पर भी यह सरकार फिसड्डी साबित हुई हैं.

सभा को माकपा के कार्य भावक जिला सचिव शम्भू नाथ यादव, आईपीएफ के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय, किसान सभा के जिला अध्यक्ष परमानन्द कुशवाहा, सचिव लालचंद यादव, मजदूर किसान मंच के जिला संयोजक रामेश्वर प्रसाद, लोकतंत्र सेनानी रामनिवास पाण्डेय, मजदूर नेता जयनाथ, नंदलाल, भृगु नाथ विश्वकर्मा, अमर बहादुर चौहान, सिपाही चौहान, शतुरधन चौहान, वसीम अहमद, सहित कई लोगों ने मार्च का नेतृत्व व सभा को सम्बोधित किया!*

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