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जनपद मुख्यालय से कई क्षेत्रों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क हुई बाधित,18 वर्षों के बाद किसान को मिला न्याय

 

 

अजीत कुमार सिंह

विभागीय अधिकारियों की मनमानी बनी आम जनता की परेशानी का मुख्य कारण

नगसर। स्थानीय क्षेत्र के दिलदारनगर नगसर सुहवल प्रमुख मार्ग पर नगसर बेमुआं के मध्य स्थित बगडहा पुल के पास मुख्य पक्की सडक को सोमवार को कोर्ट के आदेश द्वारा दो जगहों पर जेसीबी से पूरी तरह से खोद दिया। जिसके चलते 18 किमी लंम्बे इस प्रमुख मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि सबसे हैरानी की बात है कि यहां नगसर थाना महज पांच सौ मीटर दूर है, बावजूद पुलिस प्रशासन को जेसीबी से मार्ग खोदकर अवरूद्ध करने की जानकारी सड़क खुदाई के करीब तीन घंटे बाद हुई। आनन- फानन में मौके पर दलबल संग पहुंचे नगसर थानाध्यक्ष आनंद कुमार लोगों से इसकी जानकारी लेने की कोशिश की मगर उन्हें यह पता ही नहीं चला कि सडक को किसने खोदा है। इस प्रमुख मार्ग को खोदे जाने के बाद बाईक सवार, साईकिल सवार, पैदल, सवारी व स्कूली बसों को सुहवल, रमवल ढढनी होते हुए जबकि नगसर से आने वाहनों को ढढनी, अंधारीपुर, सोनवल से सुहवल होकर जिला मुख्यालय करीब 15 किमी अधिक दूरी तय कर आना जाना पड रहा है। बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, स्कूली छात्र छात्राओं को‌ जो पैदल किसी तरह गड्ढे से होकर जाने को विवश थे। बहुत से लोग तो जान हथेली पर रख खोदे गये सडक के बगल से नीचे गड्ढे से उतर रेलवे लाइन किनारे आते जाते रहे। लोगों ने प्रशासन पर गम्भीर आरोप लगाया कि सडक को खोदने में घंटों जेसीबी चली मगर तहसील प्रशासन और नगसर थाना को इसकी भनक न लगना कानून व्यवस्था पर सवाल खड करता है।

 

किसान अश्वनी कुमार राय ने बताया कि पीडब्लूडी विभाग द्वारा माननीय कोर्ट के आदेश का लगातार अवमानना किए जाने व 2005 में स्थगन आदेश के बाद भी जबरिया सड़क निर्माण किया गया। जिस पर लगभग 18 साल बाद कोर्ट ने न्याय करते हुए मेरे पक्ष में आदेश जारी किया और सड़क हटाने का काम हुआ। अगर इससे किसी को परेशानी होती है तो इसमें विभागीय अधिकारियों की घोर अनियमितता ही कारण है।

 

इस बाबत एसडीएम जमानिया भारत भार्गव ने बताया कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक यह सड़क किसान को दी गई है। और कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सड़क को खुदवाया गया है। क्षेत्रीय लोगो को आवागमन में परेशानी न हो इसके लिए सुहवल व नगसर में सड़क बाधित होने का बोर्ड लगाने की व्यवस्था किया जा रहा है।

 

पीडब्लूडी के एक्सईएन पतञ्जलि श्रीवास्तव ने कोर्ट का हवाला देकर इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया।

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