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कृषि निवेश मेला एवं किसान गोष्ठी का हुआ आयोजन,किसानों की दी गई जानकारी

 

सेवराई। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को विकास खंड भदौरा के परिसर में एक दिवसीय कृषि निवेश मेला एवं किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप कृषि निदेशक डॉ अतीन्द्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विभागीय योजनाओं, किसान पंजीकरण, किसान सम्मान निधि, बीज अनुदान, आपूर्ति कृषि यंत्रों पर अनुदान, सोलर सिचाई पम्प आदि पर चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ शशांक सिंह ने फल और सब्जियों व सब्जी उत्पादन व बागों के रोपण और पुनरुद्धार एवं स्प्रिंकलर द्वारा ड्रिप सिंचाई की विधियों के बारे में अनुदान योजनाओं की जानकारी दी।

कृषि वरिष्ठ विज्ञान डॉ.जेपी सिंह ने खरीफ की फसलों के अधिक उत्पादन के लिए तकनीकी बिन्दुओं पर प्रकाश डाला फसल सुरक्षा के लिए आईपीएम पद्धति अपनाने पर जोर देते हुए सुरक्षात्मक उपायो पर विस्तार से चर्चा की। विकास खंड अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने स्वंयम सहायता समूह की महिला सहित ब्लाक से संचालित होने वाले सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। मेले में उपस्थित विभिन्न वैज्ञानिको द्वारा पशुपालन की योजनाओं व टीकाकरण और पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा की फसल बीमा होने की दशा में किसान किसी कारण से खेत में फसल नहीं उगा सके तो वे भी फसल मुआवजा के हकदार होंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में उर्वरक भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। गोष्ठी में आए किसानों के सवाल के जवाब में कृषि यंत्रों के अनुदान के बारे में बताया। गोष्ठी व कृषि निवेश मेला में किसानों की समस्या का समाधान करते हुए वैज्ञानिक सलाह व शासन की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी खेती को करने के लिए मिट्टी की जांच बहुत ही जरूरी है। उन्नतधान की प्रजातियों के बारे में जानकारी देते हुए खेती की आधुनिक तकनीक को अपनाने पर जोर दिया।ब्लाक तकनीकी प्रबंधक सच्चिदानंद पाण्डेय द्वारा प्राकृतिक खेती पर आधारित फसल उत्पादन के विभिन्न पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी गई । सहायत तकनीकी प्रबंधक ,वीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा विभाग की विभिन्न योजनाओं पर जानकारी दी गई ।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे वरिष्ठ प्राविधिक सिंह उदय राज ने किसानों के द्वारा खेतों में फसलों के अवशेष न जलाने की सलाह दी। विकास खण्ड के अधिकारियों ने फसल के अवशेष के उपयोग के तरीके किसानों को बताए। मंच की अध्यक्षता कर रहे औषधीय फसलोत्पादन में सम्मानित एवम अग्रणी कृषक रंगबहादुर सिंह द्वारा किसानों को औषधीय पौधों की खेती एवम जैविक खेती के लिए प्रेरित किया गया।

 

इस दौरान कृषि तकनीकी सहायक राजेंद्र सेठ, एडीओ एजी प्रभाकर पाण्डेय, एडीओ पंचायत शिवशकल सिंह, सच्चिदानंद, श्याम सुंदर, वीरेंद्र प्रताप सिंह, रविन्द्र सिंह किसान संतोष राय, प्रधान रामप्रवेश कुशवाहा, जयप्रकाश राय, बिहारी सिंह आदि लोग रहे।

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