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हनुमान जयन्ती पर ग्रामीण क्षेत्रों में संकीर्तन एवं सुन्दर काण्ड का पाठ पूरे भक्तिभाव से हुआ आयोजन

 

भांवरकोल । कलिकाल के साक्षात देवता बजरंगबली जी का जन्मोत्सव हनुमान जयंती के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र के हनुमान मन्दिरों में पूजन अर्चन के साथ ही अखण्ड हरिकीर्तन और सुंदर काण्ड तथा हनुमान चालीसा का पाठ कर श्रद्धालुओं ने हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया। क्षेत्र के शेरपुर , कुन्डेसर, अवथहीं, मुंडेरा , श्रीपुर, सियाडी,कनुआन, सुखडेहरा सहित सभी गांवों में पूजन हवन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। हिंदू पंचांग के अनुसार हनुमान जयंती का पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। कलिकाल में श्री हनुमान जी की आराधना शीघ्र ही कामना पूर्ति करती है । हनुमान जी की पूजा में खास ध्यान रखना चाहिए। कहा जाता है कि हनुमान जी की पूजा में छोटी से छोटी बात का विशेष ध्यान ऱखना चाहिए।हनुमान जी को रुद्रावतार कहा जाता है। उन्हें बजरंग बली, महावीर, संकटमोचन जैसे तमाम नामों से जाना जाता है. मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर हुआ था. इसलिए हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर क्षेत्र के कई मंन्दिरों पर देर शाम भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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