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गहमर स्थित मनभद्र बाबा मंदिर मनोकामना पूर्ण स्थल के रूप में विख्यात

सेवराई। तहसील मुख्यालय के पूरब एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर स्थित मनभद्र बाबा मंदिर मनोकामना पूर्ण स्थल के रूप में विख्यात है।

ऐसे तो यहां नित्य श्रद्धालुओं द्वारा पूजा पाठ किया जाता है लेकिन सावन महीने में इस मंदिर के महत्व और भी बढ़ जाती है। मनभद्र बाबा मंदिर का शिवलिंग भूतल से करीब 2 फीट ऊपर है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपार शांति मिलती है। यूपी बिहार सहित दूर-दराज के श्रद्धालु मंदिर में आकर दर्शन पूजन करते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना भगवान शंकर अवश्य पूरी करते हैं।

भव्य श्रृंगार करता है आकर्षित:-
सावन मास के दौरान यहां नित्य आने वाले भक्तों द्वारा बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाता है मनमोहक श्रृंगार बरबस ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। पुरुष महिला सहित बच्चे भी बाबा के दर्शन मात्र से ही निहाल हो जाते हैं। मनभद्र बाबा मंदिर के शिवलिंग का श्रृंगार उज्जैन के महाकालेश्वर के तर्ज पर ही किया जाता है। मंदिर के मुख्य पुजारी अरविंद उपाध्याय ने बताया कि मंदिर को लेकर लोगों में आस्था है पौराणिक मान्यता है कि यहां शिवलिंग स्वयं जमीन से प्रकट हुआ था। जिसके बारे में कई कथाएं प्रचलित है। सोमवार को मंदिर में करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के द्वारा मत्था टेकते हुए अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की गई।

मनभद्र बाबा मंदिर की सोशल मीडिया पर है फैन फॉलोइंग:-
एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर के मनिहर वन में स्थित मनभद्र बाबा मंदिर की सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग भी है। भक्तों द्वारा बाबा के नाम से जहां फेसबुक पेज बनाया गया है। वहीं व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी रोजाना बाबा के भव्य श्रृंगार दर्शन हजारों लोगों को कराया जाता है। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए समिति के द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन चंदा भी इकट्ठा किया जा रहा है। क्षेत्र के अन्य शिवालयों की अपेक्षा मनभद्र बाबा कि सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग दिनों दिन बढ़ती जा रही है।

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