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अंजान शहीद बाबा का सालाना उर्स हर्षोल्लास के साथ मनाया गया,अक़ीदात्मकन्दों ने चादरपोशी कर देश की शांति और समृधि के लिए दुआएं मांगी

बारा। क्षेत्र के ग्राम बारा के मस्तान बाग मोहल्ला स्थित अंजान शहीद बाबा का उर्स शनिवार के दिन पूरी अकीदत(श्रद्धा) के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र सहित दूर दराज के गांवों व पड़ोसी राज्य बिहार के अकीदत मन्दों(श्रद्धालुओं) ने भारी संख्या में हाजिरी लगायी और अपने मन्नते पूरी होने पर चादर पोशी किया। चादर पोशी के बाद अकीदत मन्दों ने देश की शांति और समृधि के लिए दुआएं मांगी

अंजान शहीद बाबा का उर्स हर साल की भांति इस साल भी २८ मई को धूमधाम से मनाया गया। इस सम्बन्ध में मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी ने बताया कि सुबह बाद नमाजे फज्र पवित्र कुरान का पाठ कराया गया,अप्राहन दो बजे मजार शरीफ को गुसल और संदल का कार्य किया गया। चादर पोशी से पहले 3 बजे अकीदत मंदों ने चादर व गागर गांव में घुमाया,तत्पश्चात चादर पोशी का कार्यक्रम शुरू हुआ। रात्री में बाद नमाजे ईशा ईद मिलादुन नबी का प्रोग्राम होगा , जो देर रात चले गा। हर साल की भांति पहला चादर पोशी मस्तान बाग मोहल्ला ओर से किया गया।

अंजान शहीद बाबा के अस्तित्व के संबंध में लोगों में चर्चा है कि गांव के एक पूर्वज स्व0 हरिबंस साह को अंजान शहीद बाबा ने इस स्थल पर अपने मौजूद होने का स्वप्न दिखाया था। तभी स्व0 हरिबंस साह ने मजार शरीफ का निर्माण कराया था और उसी समय से चादर पोशी का सिलसिला शुरू है।अनजान शहीद बाबा से हर वर्ग के लोगों की श्रद्धा जुडी है। इनका उर्स हर साल धार्मिक सौहार्द्य के परिवेश में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

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