गाजीपुरताजातरीन

सरकार अगर किसानों की मांग मान जाती तो आज 700 किसान शहीद होने से बच जाते – किसान नेता भानु प्रताप सिंह

सेवराई: दिल्ली बॉर्डर पर धरनारत किसानों की मांगों के तहत आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी तीनों किसान बिल को वापस ले लिया गया। जिसे देश से किसानों में काफी खुशी और हर्ष व्याप्त है।

सेवराई तहसील के स्थानीय गांव निवासी किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि एक साल से अधिक समय से लगातार किसान अपनी मांगों पर अडिग होकर धरना दे रहे थे जिस दरमियान लगभग 700 किसानों ने अपनी जान गवा दी।

सरकार किसान हितैषी होने का दावा तो कर रही है लेकिन इसके काले कानूनों के कारण 700 किसान शहीद हो गए। हजारों किसान अपनी मांगों के तहत पिछले एक साल से लगातार धरना प्रदर्शन में जुटे रहे।

उन्होंने बताया कि सरकार अगर किसानों की मांगों को पहले ही मान ली होती तो आज यह किसान शहीद होने से बच जाते। सरकार जब तक हमें लिखित रूप से यह ना दें कि तीनों काले किसान कानून बिल वापस ले रहीं है तब तक हम अपनी धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

यह किसानों के उस संघर्ष की जीत है जो किसान निरंतर अडिग होकर अपनी मांगों के लिए घर परिवार छोड़कर धरना प्रदर्शन में जुटे रहे और अंततः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी हमारी जायज मांगो के तहत झुकना पड़ा।

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