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नकली सोना जमा कर बैंक से 85 लाख का गोल्ड लोन लेने वाले 10 ठग गिरफ्तार, बैंककर्मी भी शक के दायरे में

वाराणसी (शोएब की रिपोर्ट): महानगर कमिश्नरेट पुलिस को रविवार को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब केनरा बैंक की दो शाखाओं से नकली सोना जमकर गोल्ड लोन पास करवाने वाले 10 ठग मंडुआडीह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

धोखाधड़ी के इस खेल में बैंक द्वारा अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर भी शामिल था। इस गिरोह ने वाराणसी में केनरा बैंक की 2 शाखाओं से 85 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। गिरफ्तार किये गए ठगों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं।

फिलहाल पुलिस शक के दायरे में आये बैंककर्मियों से भी पूछताछ कर रही है वहीं गिरोह के मास्टरमाइंड सहित 6 अन्य की तलाश में लग गयी है। वहीं 10 आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने शाबाशी देते हुए 25 हजार रुपए का नगद इनाम दिया है।

10 thugs arrested for taking gold loan of 85 lakhs from bank by depositing fake gold, bank workers also under suspicion

पुलिस कमिश्नर ने जल्द ही 6 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश मंडुवाडीह और कैंट थाने की पुलिस को दिया है। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए एडीसीपी वरुणा ज़ोन प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि वाराणसी के मंडुवाडीह और कैंट थाने में बीती 17 अगस्त को केनरा बैंक की लहरतारा और अर्दली बाजार शाखा में नकली सोना जमा कर गोल्ड लोन में फर्जीवाड़े के आरोप में 3 नामजद मुकदमे दर्ज किए गए थे।

मंडुवाडीह इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी के नेतृत्व में चौकी इंचार्ज बीएलडब्ल्यू गौरव पांडेय, लहरतारा चौकी इंचार्ज श्रीराम उपाध्याय और रामानंद यादव ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस की दबिश से परेशान होकर चौक क्षेत्र में किराये पर रहने वाले आरोपी अंकुर अग्रवाल ने शनिवार को अदालत में सरेंडर कर दिया था।

इसके बाद 16 अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई।जिसमें खालिसपुरा का प्रतीक रस्तोगी, रामकुंड जद्दूमंडी का शिवनारायण यादव व अमित कुमार वर्मा, जलालीपट्टी घुघुलपुर का सूरज बिंद, बिरदोपुर का सागर कुमार मौर्या, ग्वालदास साहूलेन गोलघर का राजेश कुमार मेहता, कमच्छा का लक्ष्मण सिंह, विनायका कमच्छा की नेहा श्रीवास्तव, भैरोनाथ की श्वेता जबेरी और बड़ी गैबी की दिया प्रजापति हैं।

रवींद्र प्रकाश सेठ और विजय सहित 6 आरोपियों की तलाश की जा रही है।एडीसीपी वरुणा ज़ोन ने बताया कि केनरा बैंक के अधिकृत गोल्ड वैल्यूअर के तौर पर कोनिया निवासी स्वर्णकार रवींद्र प्रकाश सेठ काम करता था। उसकी दोस्ती खालिसपुरा के प्रतीक रस्तोगी और जद्दूमंडी के विजय प्रजापति से थी।

प्रतीक और विजय ने रवींद्र प्रकाश को नकली सोना को असली बताकर केनरा बैंक की शाखाओं से गोल्ड लोन के माध्यम से कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच दिया। रवींद्र अपने दोनों दोस्तों के झांसे में आ गया।

इसके बाद प्रतीक और विजय लोन पास कराने वाले एजेंट बन कर कम आय वर्ग के लोगों को कमीशन का लालच देकर गोल्ड लोन लेने के लिए झांसा देने लगे। दोनों का कहना रहता था कि आप सिर्फ गोल्ड लोन ले लें। उसकी किश्त हम जमा कराएंगे और कमीशन आपको मिलेगा।

पुलिस के अनुसार प्रतीक ने पूछताछ में बताया कि वह गरीब लोगों को 1 लाख रुपए के गोल्ड लोन लेने के बदले 15 हजार रुपए का कमीशन देता था। नकली सोना गोल्ड वैल्यूअर रवींद्र प्रकाश सेठ से लेकर केनरा बैंक को दिखाना पड़ता था।

वैल्यूएशन के दौरान रवींद्र प्रकाश नकली सोने को असली बता देता था। गोल्ड लोन स्वीकृत होते ही पैसे को रवींद्र, विजय और प्रतीक आपस में बांट लेते थे। इसके साथ ही जिसके नाम से गोल्ड लोन लिया जाता था, उसे 15 हजार रुपए के हिसाब से प्रति 1 लाख के लोन का कमीशन दिया जाता था।

गोल्ड लोन का फर्जीवाड़ा केनरा बैंक की लहरतारा और अर्दली बाजार शाखा के मैनेजर ने ही पकड़ा। दरअसल, जिनके नाम से गोल्ड लोन लिए गए थे वह किश्त नहीं जमा कर रहे थे। बैंक की दोनों शाखाओं के मैनेजर ने जमा सोने की अलग से जांच कराई तो पता लगा कि वह नकली है। इसपर दोनों शाखाओं की मैनेजर ने 17 लोगों के खिलाफ कैंट और मंडुवाडीह थाने में तहरीर दी।

द सर्जिकल न्यूज़

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