साहित्य

हिन्दी का शासकीय सच भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी नहीं है

इन्दौर: हमारे देश में अधिकांश लोग हिन्दी को भारत की राष्ट्रभाषा मानते हैं। कई किताबों में हिन्दी को राष्ट्रभाषा बताकर…

कविता- रुकना थोड़ी है

जिंदगी का खेल, खेलते खेलते थकते तो हैं पर रुकते थोड़ी ही हैं, आगे बढ़ते है हार जीत के फैसले…

कैलाश विजयवर्गीय ने लॉन्च किया ‘हम रोशनी कर जाएँगे’ गीत

इन्दौर: कोरोना की भयावहता से अवसाद में डूब रहे देशवासियों में उत्साह का संचार करने के लिए हिन्दी कवि सम्मेलनों…

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर गोविन्द कुमार गौरव की कविता

कलम की ताकत-2 ये ज़िन्दगी एक किताब बनकर जब खूब पढ़ी जाती है । उस दिन क़लम के सिपाही की…

जैन कवि संगम ने मनाया काव्य महोत्सव

ऋषभदेव: कविता प्रेम और संवेदना के अतिरिक्त संबंध और संवाद को जीवन्तता प्रदान करती है इसी बात को काव्य महोत्सव…

दिवंगत हिन्दी साहित्यकारों का श्राद्ध…

इंदौर: देश में हिन्दी भाषा में ऐसे कई साहित्यकार हुए जिनकी वंशावली नहीं है अथवा उनके तर्पण-श्राद्ध संबंधित सामाजिक उत्तरदायित्व…

‘रसानुभूति’ द्वारा परिचर्चा आयोजित

भूधरदास जी के साहित्य में वैराग्य, तत्त्वज्ञान और शान्त रस का अदभुत समन्वय- डॉ. मनीष जैन इंदौर: महाकवि पण्डित भूधरदास…

स्वतंत्रता दिवस पर संदेश प्रतियोगिता आयोजित

इंदौर: भारत के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दी सेवी संस्थान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा मातृभाषा सृजन एवं हिन्दीग्राम समूह…

40 मंचीय कवि ‘काव्यरथी सम्मान’ से सम्मानित

इंदौर: लॉक डाउन काल के दौरान जनमानस को अवसाद से मुक्त करने की दिशा में ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा ‘एक…

‘रसानुभूति’ में पण्डित बनारसीदास और उनके अर्धकथानक पर परिचर्चा आयोजित

इंदौर: सर्वोदय अहिंसा ट्रस्ट एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा गुरुवार को डिजिटल परिचर्चा ‘रसानुभूति’ का आयोजन किया गया. जिसमें भोपाल…

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